Posted by Metroholica | 1:38 PM |

बरबाद-ऐ-गुलिस्तान करने को एक ही उल्लू काफ़ी था ,,यहाँ हर शाख पे उल्लू बैठे हैं अंजाम-ऐ-गुलिस्तान क्या होगा