Posted by Metroholica | 4:48 AM

फूल बंकर मुस्कराना जीन्दगी
मुस्कराके गम भुलाना जीन्दगी
जीत कर कोई खुश हो तो क्या हुआ
हार कर खुशीया मानना भी जीन्दगी